किसे धारण करना चाहिए रुद्राक्ष?

किसी को अवांछित आदतों से बाहर आना हो और पवित्रता भरा जीवन यापन करना हो तो उसे रुद्राक्ष धारण करना चाहिए, ऐसा करने से जल्द ही परिणाम आपके सामने होंगे और आप अपनी अवांछित आदतों से खुद को मुक्त महसूस करेंगे। यह कई लोगों के साथ हुआ है यह आपके साथ भी हो सकता है, यदि आप दृढ़तापूर्वक और नियम के साथ रुद्राक्ष धारण करेंगे। रुद्राक्ष की शक्ति का बखान मुश्किल है और ये किसी भी रत्न, यंत्र, तंत्र, मन्त्र और जंत्रो से बढ़कर है।

साधारणतया रुद्राक्ष धारण करने वाला या उसकी पूजा करने वाला समृद्धि, शांति और स्वास्थ्य के साथ धन सम्पदा युक्त होता है फिर भी, पापों से बचने के लिए कुछ सावधानी बरती जा सकती है ये सावधानियां इस प्रकार हैं: –
१. रुद्राक्ष को सिद्ध (शुद्धिकरण और मंत्रो से अभिमंत्रित करने के पश्चात) कर के पहनने से ही उसका पूर्ण फल प्राप्त होता है।
२. रुद्राक्ष धारण करने के बाद, उसके मन्त्र का ११ बार उच्चारण सुबह उसे पहनने से पहले और रात्रि में सोने जाने से पहले अवश्य करना चाहिए ऐसा करने से उसे अशुद्धियों से बचाया जा सकता है और उसकी ऊर्जा को बरक़रार रखा जा सकता है।

३. रुद्राक्ष सुबह स्नानादि से निवृत होने के पश्चात ही धारण किया जाना चाहिए और जैसा की ऊपर वर्णित है, रुद्राक्ष के मन्त्र का जाप करने के पश्चात उसे धुप दीप आदि दिखाने के पश्चात ही धारण करना चाहिए।
४. रुद्राक्ष धारण करने वाले मनुष्य को मांस मदिरा का सेवन नहीं करना चाहिए।
५. रुद्राक्ष धारण कर के शमशान भूमि या किसी के अंतिम संस्कार में नहीं जाना चाहिए।
६. सम्भोग के समय रुद्राक्ष कभी न पहने।
७. मताये बहने मासिक धर्म के समय रुद्राक्ष धारण ना करे।

८. रुद्राक्ष हमेशा साफ़ सुथरा ही पहनना चाहिए, धूल और गन्दगी रुद्राक्ष के सठो पर लगातार जमा होती रहती है, इसलिए इसे समय समय पर साफ़ करते रहे, अगर रुद्राक्ष का कोई मनका गन्दा हो चूका है या घिस चूका हो तो उसे ना पहने और यथाशीघ्र उसे बदल ले।
९. रूद्राक्ष के मनको को समय समय पर तेल लगाते रहें। नियमित सफाई के बाद, मनके पर तेल लगाए और धूप, दीप दिखा कर उसकी पूजा करें। यह अति महत्वपूर्ण है, विशेष रूप से जब कुछ समय के लिए मनके का उपयोग नहीं करते, या कुछ दिनों के लिए इसका भंडारण करते है।

१०. कई बार लो रुद्राक्ष के आकृति और माप द्वारा भ्रमित हो जाते है, इसके बारे में गंभीरता से चिंता न करें। बस ये देखे की रुद्राक्ष के मुख सही से दिखाई दे रहे है या नहीं, रुद्राक्ष में बनी आकृतिया प्राकृतिक है या नहीं, ये भी देख ले की रुद्राक्ष के छिद्रो के आस पास किसी प्रकार की कोई दरार ना हो।

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जय महाकाल।।

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