क्या है अध्यात्म??

यदि आप आध्यात्मिक हैं तो एक बात समझने की जरूरत है कि आध्यत्म एक ऊर्जा है उसकी ऊर्जा को जब तक आप अपने अंदर नही समेट लेते तक तक आपका अध्यात्म सम्पूर्ण नही हो सकता। आध्यत्म में सबसे बडी बाधा ही आपका क्रोध आपकी दुर्भावना और आपका मन भटकाने वाली भावना है।

जिसमे जलन ओर ईष्या भरी होती है वो अपनी अध्यात्म की पहली सीडी भी नही चढ पाता। आज सब उच्च श्रेणी तांत्रिक है कि अगर दिल मे किसी के प्रति नफरत लेकर चलते है तो उसको भयभीत तक कर देतै है। वे साधारण मनुष्य को शापित करने से लेकर न जाने अनेक प्रकार के भय में उलझा कर रख देते हैं।

ऐसा करने से आध्यात्मिक तो बिलकुल नही रहते एवं अपनी गरिमा को ताक पर रख देते हैं। आपकी यह ऊर्जा किसी व्याकुल व्यक्ति को सही मार्ग दिखाने के लिए प्राप्ट हुई है।

आप जिस रास्ते पर चल रहे हैं कृपया उसका मान रखें। आजकल कुछ साधक हैं जो कुछ ऊर्जा  मिल जाये तो अपने आपको तांत्रिक समझने लगते है। कुछ तंत्र ज्ञानियों ने अध्यात्म को पैसो के लिए बदनाम करके रख दिया है।

 जो सही मे अध्यात्म मे है वह लोग आज उनसे भी डरने लगे है क्योंकि हमें गलत ओर सही की पहचान भी नही रही।  इसलिए किसी को राह नही दिखा सकते तो भटकाये भी नही। ऐसा नही है कि आजकल सही अध्यात्म के ज्ञान वाले नही मिलते है मिलते है पर हम उन्हें पहचान नही पाते हैं। आदमी बुरा नही होता उसी तरह हर आदमी अच्छा भी नही होता। जो फैसला करे वो सोच समझकर करे अच्छे बुरे की पहचान आपको करनी है हमे नही ओर हमने सर्वदा यही कहाँ की आदमी कोई बुरा नही होता उसका समय बुरा होता है ओर समय ही अपने अनुसार सारे कार्य करवाता है।  यही सत्य है

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