छह मुखी रुद्राक्ष के महत्त्व, लाभ और धारण मन्त्र

एक छह मुखी रूद्राक्ष की सतह पर छह ऊर्ध्वाधर रेखाएं (मुख) होती हैं इस रूद्राक्ष का प्रतिनिधित्व करने वाला देवता भगवान कार्तिकेय है जो भगवान शिव के दूसरे पुत्र और दिव्य सेना के कमांडर हैं। इसलिए इस इस रुद्राक्ष के धारक को भगवान कार्तिकेय के आशीर्वाद से साहस और ज्ञान उपहार में ही मिल जाता है। यह रुद्राक्ष भी इच्छा शक्ति और अभिव्यक्ति की कला को मजबूत करता है और इसलिए, नेताओं और अभिनेताओं को जिन्हे भाषण देने या अभिनय कला की जरुरत होती है उनके लिए इसे पहनकर लाभ प्राप्त किया जा सकता हैं। ऐसा कहा जाता है कि इस रूद्राक्ष के पहनने वाले तीन महान देवियो, देवी पार्वती, महा लक्ष्मी और सरस्वती ने आशीर्वाद दिया है क्योंकि उन सभी ने भगवान कार्तिकेया को भी आशीर्वाद दिया है जो इस रुद्राक्ष के शासक है। इसलिए, इस रुद्राक्ष को पहनने वाला स्वास्थ्य, धन और खुशी और साथ ही साथ सभी विलासिता और जीवन के सुख का उपभोग करता है, इस रूद्राक्ष का ग्रह ग्रह शुक्र है। यह रुद्राक्ष मंगल गृह के अमंगल को दूर करने में सहायक होता है।

महत्त्व:
१. छह मुखी रुद्राक्ष धारण करने से जीवन के हर क्षेत्र में स्थाईत्व आता है।
२. इसे धारण करने से मंगल गृह के साथ ही शुक्र गृह के दोषो से मुक्ति मिलती है।
३. धारक को हर क्षेत्र में जीत दिलाता है।
४. छह मुखी रुद्राक्ष धारक को बुद्धि प्रदान करता है।

लाभ:
१. शुक्र और मंगल ग्रह के बुरे प्रभाव को काम करता है।
२. थकान, आलस्य और मंदता को दूर करता है।
३. तपस्या, सहनशक्ति, संतुलन और सहिष्णुता बढ़ाता है।
४. भाग्य उन्नति करा कर जमीन जायदाद और गाडी बंगला दिलाने में मदद करता है।
५. यह रुद्राक्ष 13 मुखी रूद्राक्ष के विकल्प के रूप में पहना जा सकता है और अगर 6 मुखी रूद्राक्ष के दो मोती गौरी शंकर रूद्राक्ष के साथ पहने जाते हैं तो यह एक सुखी विवाहित जीवन जीने के लिए उत्कृष्ट है।

चिकित्स्कीय लाभ:
१. जोड़ो, हड्डियों एवं घुटनो के दर्द से राहत दिलाता है।
२. बवासीर और गठिया जैसे रोगो से मुक्ति दिलाता है।
३. मोटापा दूर करता है।
४. छह मुखी रुद्राक्ष गले, गर्दन, गुर्दा, सेक्स अवयव, थायराइड, मूत्र और नेत्र रोग, अव्यवस्था की समस्या, अपच, गठिया और नसों / तंत्रिकाओं आदि में सभी रुकावटों के लिए अच्छा माना जाता है।

राशि विशेष:
वृषभ, मिथुन, कन्या, तुला, मकर और कुम्भ राशि वाले जातको के लिए ये रुद्राक्ष विशेष रूप से उत्तम माना जाता है।

रुद्राक्ष मन्त्र:
छह मुखी रुद्राक्ष को धारण करने का मन्त्र है:
“ॐ ह्रीं हूँ नमः”

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