क्यूँ लड़कियों को विवाह में तोहफे में श्री गणेश की मूर्ति नहीं देनी चाहिए?

क्यूँ लड़कियों को विवाह में तोहफे में श्री गणेश की मूर्ति नहीं देनी चाहिए?

शादी यानी नाच-गाना उत्साह और उमंगो से भरा एक समारोह जिसमें दो दिल या दो लोग ही नहीं बल्कि दो परिवार रिश्तों के पवित्र बंधन में बंध जाते हैं। हिन्दू परंपरा के अनुसार बेटियों की शादी में उसके मायके वालों की ओर से अनेक उपहार विवाह के उपलक्ष्य में बेटी को दिए जाते हैं। माता-पिता का यही सपना होता है कि उनकी बेटी ससुराल में हमेशा खुश रहे। उसे कभी किसी तरह की कोई कमी महसूस ना हो।

इसी सोच के कारण अधिकतर लोग शादी में अपनी बेटी को सोने, चांदी या अन्य तरह के भगवान की मुर्तियां भी देते हैं। 

वर्तमान में गिफ्ट के रूप में सबसे ज्यादा चलन में है गणेशजी की मूर्ति क्योंकि गणेशजी को रिद्धि-सिद्धि के दाता माना जाता है। इसलिए गणेशजी की मूर्ति दी जाती है लेकिन हमारे बड़े-बुजूर्ग लोगों की इस बारे में मान्यता है कि बेटी को शादी में मायके वालों की तरफ से उपहार में कभी भी गणेशजी नहीं देने चाहिए क्योंकि बेटियां घर की लक्ष्मी होती है और उन्हे यदि गणेशजी भेंट किए जाते हैं तो घर की रिद्धि-सिद्धि उनके साथ चली जाती है क्योंकि शास्त्रों के अनुसार ऐसी मान्यता है कि जहां गणेशजी का निवास होता है वहीं लक्ष्मीजी का निवास होता है। इसलिए बेटियों को विवाह में उपहार में गणेशजी नहीं देने चाहिए।

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