किस दिन कन्या पूजन करना होगा शुभ, जानें शुभ मुहूर्त.

किस दिन कन्या पूजन करना होगा शुभ, जानें शुभ मुहूर्त.

शारदीय नवरात्रि चल रही है और हर ओर दुर्गा पूजा की धूम है, माता के जयकारे लग रहे हैं। माना जाता है कि कन्या सृष्टिसृजन श्रृंखला का अंकुर होती है। कन्या प्रकृति रूप ही हैं अत: वह संपूर्ण है। अष्टमी और नवमी के दिन कन्‍याओं की पूजा कर व्रत का उद्यापन करते हैं। मान्यता है कि इन कन्याओं को देवियों की तरह आदर सत्कार और भोज कराने से मां दुर्गा प्रसन्न हो जाती है और अपने भक्तों को सुख समृद्धि का वरदान देती है। इस बार अष्टमी 6 अक्टूबर को और नवमी 7 अक्टूबर को है।

नौ कन्याओं के साथ एक बालक भी होना चाहिए जिसे भैरव का रूप माना जाता है। जिस प्रकार मां की पूजा भैरव के बिना पूर्ण नहीं होती, उसी तरह कन्या-पूजन के समय एक बालक को भी भोजन कराना बहुत जरूरी होता है।

कन्‍या पूजा का शुभ मुहूर्त
अष्टमी तिथि 05 अक्टूबर की सुबह 09 बजकर 52 मिनट से शुरू होगी और 6 अक्टूबर सुबह 10 बजकर 55 मिनट तक रहेगी। इसके बाद नवमी तिथि लग जाएगी जो 07 अक्टूबर की दोपहर 12 बजकर 38 मिनट तक रहेगी।

कन्या पूजन विधि
जिन कन्याओ को भोज पर खाने के लिए बुलाना है , उन्हें एक दिन पहले ही न्यौता दे दे। गृह प्रवेश पर कन्याओ का पूरे परिवार के सदस्य फूल वर्षा से स्वागत करे और नव दुर्गा के सभी नौ नामों के जयकारे लगाए। अब इन कन्याओं को आरामदायक और स्वच्छ जगह बिठाकर इन सभी के पैरों को बारी- बारी दूध से भरे थाल या थाली में रखकर अपने हाथों से उनके पैर धोने चाहिए और पैर छूकर आशीष लेना चाहिए। अब उन्‍हें रोली, कुमकुम और अक्षत का टीका लगाएं। इसके बाद उनके हाथ में मौली बांधें। अब सभी कन्‍याओं और बालक को घी का दीपक दिखाकर उनकी आरती करें। आरती के बाद सभी कन्‍याओं को भोग लगाएं। भोजन के बाद कन्‍याओं को भेंट और उपहार दें।

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