हथेली से सूर्य रेखा की जानकारी।

हाथों में सूर्य-ग्रह स्थान
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यश का मुकुट, विद्या का भूषण
और सफलता साथ लिए है;
अनामिका के मूल में बसता
सूर्य हमारा सबसे प्रिय है ।

अति उच्च हो ग्रह-बिम्ब स्थल, ग्रह-गुण से अति संतृप्त करेगा;
विद्या दे, पर दम्भ भरे; यश-रेखा में रोक करेगा ।
तेज सूर्य से मिले सफलता, ग्रह-बिम्ब हो जब उभरा ;
कर्मों से ही भाग्य बनेगा, यदि हस्तरेख में रवि सुधरा ।

सूर्य दबा नहीं हो सकता सफल, प्रतिष्ठित मानव का;
धूमिल, कटी सूर्य रेखा से कल्याण कहाँ है मानव का ।
ऊँचे पद आसीन है कोई, कार्य-कुशल यशस्वी है,
निश्चय उसके हस्तरेख में सूर्य-स्थान तेजस्वी है।
जय महाकाल !

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