जाने राखी बाँधने का सही महुरत

जाने राखी बाँधने का सही महुरत

भाई-बहन के अटूट रिश्‍ते, प्‍यार और समर्पण वाला त्यौहार रक्षाबंधन गुरुवार यानी 15 अगस्त 2019 को मनाया जाएगा. रक्षाबंधन का त्‍यौहार हिन्‍दू धर्म के बड़े त्‍यौहारों में से एक है, जिसे देश भर में धूमधाम और पूरे हर्षोल्‍लास के साथ मनाया जाता है. 

रक्षाबंधन हर साल सावन महा की पूर्णिमा को मनाया जाता है. इस बार रक्षाबंधन भारत के स्‍वतंत्रता दिवस की 72वीं वर्षगांठ को मनाया जाएगा. इस बार 19 साल बाद स्वतंत्रता दिवस और रक्षाबंधन का एक साथ योग बना है. इससे पहले यह संयोग साल 2000 में बना था.

गुरुवार का दिन होने के कारण भी इसका महत्व बढ़ जाता है. गंगा स्नान, शिव पूजन और विष्णु पूजन करने से आयु, अरोग्य, विद्या-बुद्धि सहित हर मनोकामनाएं पूरी होती हैं. इसलिए इस बार त्यौहार का महत्व और अधिक है. इसके साथ ही सावन पूर्णिमा के दिन ही श्रवण नक्षत्र की शुरुआत होती है.

रक्षाबंधन के दिन भद्रा काल नहीं है और न ही किसी तरह का कोई ग्रहण है. यही वजह है कि इस बार रक्षाबंधन शुभ संयोग वाला और सौभाग्‍यशाली है.

पूर्णिमा तिथि प्रारंभ: 14 अगस्‍त 2019 को रात 9 बजकर 15 मिनट से
पूर्णिमा तिथि समाप्‍त: 15 अगस्‍त 2019 को रात 11 बजकर 29 मिनट तक

इस दिन भद्रा नहीं है, यह सूर्योदय से पहले ही समाप्त हो जाएगी, इसलिए बहनें पूरे दिन अपने भाई को राखी बांध सकती हैं। सुबह 5.50 बजे से शाम 5.59 तक। पूर्णिमा तिथि 14 अगस्त को अपराह्न 3.45 बजे से शुरू होगी और 15 अगस्त की शाम 5.58 बजे तक रहेगी। इस दिन श्रवण नक्षत्र भी है सुबह 8 बजे तक। शुभ मुहूर्त दोपहर 1.48 बजे से शाम 4.22 बजे तक होगा।

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